आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति के नाम पर 60 हजार की रिश्वत मांगी, 30 हजार लेते दो अधिकारी गिरफ्तार
उज्जैन। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने बड़ौद स्थित कार्यालय में की कार्रवाई, पहली किस्त लेते ही दोनों को दबोचा
आगर मालवा। आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगना महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर को भारी पड़ गया। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने गुरुवार को बड़ौद स्थित कार्यालय में कार्रवाई करते हुए दोनों को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों ने शिकायतकर्ता से कुल 60 हजार रुपए की मांग की थी।
लोकायुक्त डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल के अनुसार, शिकायतकर्ता बहादुर लोहार ने 4 नवंबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित को लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि उसकी पत्नी की आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति कराने के एवज में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी भगत सिंह चौहान और सुपरवाइजर जयश्री खींची 60 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप दल गठित कर शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 30 हजार रुपए देकर भेजा गया।
गुरुवार को बड़ौद स्थित कार्यालय में जैसे ही दोनों अधिकारियों ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपए स्वीकार किए, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान दोनों के हाथ धुलवाए गए तो केमिकल का रंग निकल आया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।