पंन्यास प्रवर श्री ऋषभरत्नविजयजी के संयम जीवन के 42 वर्ष पूर्ण, मंगल प्रवेश उत्सव मना
उज्जैन। श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर अरविंद नगर में विराजित जैन संत पंन्यास प्रवर श्री ऋषभरत्नविजयजी महाराज के संयम जीवन के 42 वर्ष पूर्ण होने और 43वें वर्ष में मंगल प्रवेश का पावन प्रसंग मंगलवार को हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस मंगल अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे गुरु भक्तों ने आशीर्वाद लिया और उत्सव मनाया।
यहां पर मालव विभूषण पूज्य आचार्यदेव श्री विजय वीररत्नसूरीश्वरजी महाराज, आचार्यदेव श्री विजय जितेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज और आचार्यदेव श्री विजय पद्मभूषणरत्नसूरीश्वरजी महाराज के पावन सान्निध्य में आलौकिक चातुर्मास का आयोजन चल रहा है। मंगलवार को मंगल प्रवेश समारोह में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए पंन्यास प्रवर श्री ऋषभरत्नविजयजी महाराज ने धर्मसभा में कहाकि भूख बिना भोजन और भाव बिना भजन—दोनों ही व्यर्थ हैं। उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार भोजन का वास्तविक आनंद भूख होने पर ही प्राप्त होता है, उसी प्रकार भजन और धर्माराधना की सार्थकता सच्चे भाव, श्रद्धा और आत्मिक लगन से ही संभव है।
गुरुदेव ने कहा कि धर्म केवल बाहरी क्रियाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक धार्मिक कार्य के पीछे आत्मकल्याण की भावना और परमात्मा के प्रति सच्चा समर्पण होना आवश्यक है। भावपूर्वक की गई भक्ति जीवन को पवित्र बनाती है और श्रद्धापूर्वक की गई धर्माराधना आत्मा को संयम व सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करती है। उन्होंने बल दिया कि देव, गुरु और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा ही संयममय जीवन और जिनशासन की प्रभावना का मुख्य आधार है।
यश भाई सिंगर की प्रस्तुति ने बांधा समां
चातुर्मास समिति संयोजक अभय जैन मामा और मनीष कोठारी ने बताया कि इस मांगलिक प्रसंग में इंदौर के द्वारकापुरी, तिलक नगर, उन्हेल, शिवपुर, मातमोर एवं तीर्थ चापड़ा सहित विभिन्न श्रीसंघों से बड़ी संख्या में महानुभाव और गुरु भक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को अत्यंत भव्य और भक्तिमय बना दिया। आयोजन में श्री वीरमणि नागेश्वर युवा मंडल के सदस्यों ने अभूतपूर्व सेवा, उत्साह और समर्पण का परिचय दिया। इस दौरान गायक यश भाई सिंगर ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से उपस्थित सभी गुरु भक्तों को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतितियों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह धर्ममय बनाए रखा।
श्री मणिभद्र वीर संकल्प दिवस 15 को मनेगा
15 अक्टूबर को श्री मणिभद्र वीर संकल्प दिवस पर महापूजन एवं हवन होगा। सुबह 9 बजे से डायमंड हाउस, जैन मंदिर के पास अरविंद नगर में आयोजन शुरू होगा। लाभार्थी परिवार अभय जैन मामा एवं सुजानमलजी सकलेचा परिवार रहेंगे। 18 अक्टूबर से शाश्वती नवपद आराधना एवं आयंबिल ओली का मंगल प्रारंभ होगा।